रक्षाबंधन पर पेड़ बने ‘भाई’, बेटियां बनीं रक्षक

Aug 30, 2026 - 17:11
Aug 30, 2026 - 17:40
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रक्षाबंधन पर पेड़ बने ‘भाई’, बेटियां बनीं रक्षक
रक्षाबंधन पर पेड़ बने ‘भाई’, बेटियां बनीं रक्षक

वी.एन. गोधाणी स्कूल की 70 बेटियों ने 70 पेड़ों को बांधी राखी, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 

सूरत (गुजरात), 29 अगस्त : रक्षाबंधन के पवित्र पर्व को केवल भाई-बहन के स्नेह तक सीमित रखते हुए पेड़ों के साथ भावनात्मक रिश्ता जोड़ने की अनूठी पहल की गई। वी.एन. गोधाणी इंग्लिश स्कूल की 70 बेटियों ने रक्षाबंधन से एक दिन पहले धोलकिया गार्डन में 70 पेड़ों को राखी बांधकर उनकी रक्षा और देखभाल का संकल्प लिया।

इस अनूठे कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार सुबह 10 बजे धोलकिया गार्डन में किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक बेटी ने अपने निर्धारित पेड़ को चंदन का तिलक लगाया, आरती उतारी और इसके बाद राखी बांधी। इसके साथ ही बेटियों ने अपने-अपने पेड़ों की नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वीकार की। इस पहल के लिए बेटियों के पेड़ पहले से निर्धारित किए गए थे और पेड़ों के आकार के अनुसार विशेष रूप से राखियां भी तैयार की गई थीं।

कार्यक्रम को लेकर भावेशभाई लाठिया ने बताया कि आयोजन के पीछे मुख्य विचार यह है कि जिस तरह रक्षाबंधन के दिन भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेता है, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष बेटियों ने पेड़ों की रक्षा और देखभाल का संकल्प लिया है। पेड़ों के साथ केवल पर्यावरण के नजरिए से नहीं, बल्कि भावनात्मक और आत्मीय रिश्ता विकसित हो, यही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

 

स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती दिव्याबेन गज्जर ने कहा कि पेड़ लगाने के बाद उसकी देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जब लोग पेड़ों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं, तो उनके संरक्षण की भावना और मजबूत होती है।

 

एक पेड़ मां के नामअभियान से जुड़ेगी पहल

 

स्कूल के चेयरमैन श्री गोविंदभाई धोलकिया ने बताया कि धरती को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की सोच को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी केएक पेड़ मां के नामअभियान से प्रेरणा लेकर यह अनूठी पहल की गई है। पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण और देखभाल को भी जनआंदोलन का रूप मिले, इसी उद्देश्य से यह प्रयास किया गया है।

हर साल अपने पेड़ को राखी बांधूंगी

 

इस पहल को लेकर स्कूल की बेटियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। कई बेटियों ने अपने पेड़ के साथ यह रिश्ता हर वर्ष रक्षाबंधन के पर्व पर राखी बांधकर बनाए रखने का संकल्प लिया। इस तरह एक दिन के कार्यक्रम के बजाय पेड़ और बच्चे के बीच वर्षों तक चलने वाला भावनात्मक जुड़ाव विकसित करने का प्रयास किया गया है।

 

पौधारोपण के बाद अब देखभाल पर जोर

 

गोविंदकाका की ओर से हर वर्ष बड़ी संख्या में पौधरोपण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। अब पौधारोपण के साथ-साथ पेड़ों की देखभाल और संरक्षण को भी समान महत्व दिया जा रहा है। कतारगाम क्षेत्र मेंग्रीन लाइंसनाम भी गोविंदकाका की हरियाली को लेकर सोच से जुड़ा है। गोधाणी स्कूल की ओर जाने वाली गली को भीग्रीन लाइंसनाम दिया गया है।

 

पर्यावरण शिक्षा का जीवंत उदाहरण

 

यह पहल केवल रक्षाबंधन का उत्सव नहीं है, बल्कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करने वाली जीवंत शिक्षा का उदाहरण है। बेटियां अपने पेड़ को नियमित रूप से देखें, उसकी देखभाल करें और वर्षों तक उसके साथ जुड़ी रहें, इस प्रयास से आने वाली पीढ़ी में पेड़ संरक्षण की संस्कृति विकसित करने में मदद मिल सकती है।पेड़ लगाना शुरुआत है, लेकिन उसे बड़ा करना और उसकी देखभाल करना ही असली जिम्मेदारी है।

रक्षाबंधन के पवित्र पर्व को इसी भावना से पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ने वाली यह पहल प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रेरणादायी संदेश देती है।

 
Jay Choudhary News Writer | 3 Years Experience | Jaipur Special | All Latest News