XLRI में 13वां डॉ. वर्गीज़ कुरियन स्मृति व्याख्यान, NABARD चेयरमैन ने रखे विचार

Oct 12, 2026 - 13:56
Oct 12, 2026 - 21:31
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XLRI में 13वां डॉ. वर्गीज़ कुरियन स्मृति व्याख्यान, NABARD चेयरमैन ने रखे विचार
XLRI में 13वां डॉ. वर्गीज़ कुरियन स्मृति व्याख्यान, NABARD चेयरमैन ने रखे विचार

जमशेदपुर (झारखंड) [भारत], 12 अक्टूबर: XLRI : ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, जमशेदपुर ने वर्गीज़ कुरियन मेमोरियल सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑरेशन का आयोजन किया, जिसमें राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के चेयरमैन डॉ. शाजी कृष्णन वी मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में शामिल हुए। फादर अरुपे सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी (FACES) की पहल के रूप में आयोजित इस वार्षिक व्याख्यान में डॉ. वर्गीज़ कुरियन की विरासत तथा भारत के सहकारी आंदोलन और ग्रामीण विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया गया।

इस वर्ष के व्याख्यान का विषय “उत्पादक राष्ट्र निर्माता के रूप में: भारत में विकास, संस्थानों और समावेशन पर नए सिरे से विचार” रहा। इसमें भारत की विकास यात्रा को आकार देने में उत्पादकों की भूमिका तथा अधिक न्यायसंगत अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए मजबूत संस्थानों, समावेशी विकास और टिकाऊ ग्रामीण आजीविका के महत्व पर चर्चा की गई।

डॉ. शाजी कृष्णन वी को वाणिज्यिक बैंकिंग, विकास वित्त, ग्रामीण एवं सहकारी बैंकिंग, डिजिटल परिवर्तन और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। NABARD में उन्होंने सहकारी क्षेत्र में सुधार, फिनटेक, डेटा एनालिटिक्स, क्लाइमेट फाइनेंस और नवाचार आधारित ग्रामीण विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का नेतृत्व किया है।

डॉ. शाजी कृष्णन वी, चेयरमैन, NABARD का संबोधन

डॉ. शाजी कृष्णन वी ने उत्पादकों को मालिक और राष्ट्र निर्माता के रूप में सशक्त बनाने में डॉ. वर्गीज़ कुरियन की संस्थागत सोच की प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने उत्पादन आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता बताई, जिसे मजबूत उत्पादक-केंद्रित संस्थानों, सामूहिक स्वामित्व और ग्रामीण उद्यमों के निर्माण का समर्थन प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण से समावेशी समृद्धि को बढ़ावा देने, समुदायों के भीतर आर्थिक मूल्य को बनाए रखने और जलवायु संबंधी चुनौतियों के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों की क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

फादर अरुपे सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत

कार्यक्रम के दौरान फादर अरुपे सेंटर फॉर इकोलॉजी एंड सस्टेनेबिलिटी (FACES) की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। यह रिपोर्ट FACES के चेयरपर्सन डॉ. टाटा एल. रघु राम ने प्रस्तुत की।

FACES जैव विविधता, सर्कुलर इकोनॉमी और कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी से जुड़े वित्तपोषित शोध परियोजनाओं के माध्यम से XLRI की जिम्मेदार प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहा है। इसकी पहलों में ग्रामीण इमर्शन प्रोग्राम, PG Certificate in CSR Leadership, तथा XCITE और JIDCO के माध्यम से आदिवासी एवं वन-आधारित उद्यमों को इनक्यूबेशन सहायता शामिल है।

FACES राष्ट्रीय ESG और जैव विविधता से जुड़ी नीतियों के विकास में भी योगदान दे रहा है। भविष्य की योजनाओं में सरकारों को निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में प्रकृति को शामिल करने के लिए सलाह देना तथा दलमा को आदिवासी उद्यमों के लिए एक शोध प्रयोगशाला के रूप में विकसित करना शामिल है।

कार्यक्रम में डॉ. शाजी कृष्णन वी और उपस्थित दर्शकों के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को व्याख्यान में उठाए गए विषयों पर चर्चा और अपने विचार साझा करने का अवसर मिला।

डॉ. शाजी कृष्णन वी ने XCITE में ग्रामीण उद्यमियों से किया संवाद

इससे पहले दिन में डॉ. शाजी कृष्णन वी ने XLRI Council for Innovation, Technology and Entrepreneurship (XCITE) का दौरा किया, जहां उन्होंने ग्रामीण व्यवसाय इनक्यूबेशन पहल से जुड़े 15 संस्थापकों और उद्यमियों के साथ संवाद किया। उद्यमियों ने अपने व्यवसाय, उत्पादों और विचारों को प्रस्तुत करते हुए विकास से जुड़े अपने अनुभव और आकांक्षाएं साझा कीं।

इस संवाद ने ग्रामीण उद्यमिता, नवाचार तथा उभरते उद्यमों के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान किया। XLRI की पहल XCITE को NABARD का सहयोग प्राप्त है और यह कृषि-व्यवसाय, ग्रामीण नवाचार तथा सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में प्रभाव आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने का कार्य करता है, जिसमें समावेशी और सतत विकास पर विशेष जोर दिया जाता है।

NABARD के चेयरमैन डॉ. शाजी कृष्णन वी ने पिछले छह महीनों में XCITE द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति और विकसित किए गए विशिष्ट व्यावसायिक संबंधों की सराहना की। उन्होंने उत्पादक संगठनों को मजबूत करने के लिए पूंजीगत सहायता, क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और डिजिटल पहलों के माध्यम से पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए NABARD की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने आर्थिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों और संतुलित क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने में नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और उभरते उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए NABARD की प्रतिबद्धता दोहराई।

Jay Choudhary News Writer | 3 Years Experience | Jaipur Special | All Latest News