यामाहा टीन्स रॉक 2026 का खिताब मिजोरम के न्यूहोफ स्कूल बैंड ने जीता, बेंगलुरु में सजा युवा संगीत प्रतिभाओं का मंच

Oct 8, 2026 - 15:48
Oct 8, 2026 - 16:28
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यामाहा टीन्स रॉक 2026 का खिताब मिजोरम के न्यूहोफ स्कूल बैंड ने जीता, बेंगलुरु में सजा युवा संगीत प्रतिभाओं का मंच
यामाहा टीन्स रॉक 2026 का खिताब मिजोरम के न्यूहोफ स्कूल बैंड ने जीता, बेंगलुरु में सजा युवा संगीत प्रतिभाओं का मंच

बेंगलुरु : यामाहा म्यूजिक इंडिया की ओर से आयोजित ‘यामाहा टीन्स रॉक 2026 – द बैटल ऑफ बैंड्स’ का ग्रैंड फिनाले बेंगलुरु के प्रेस्टीज सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में संपन्न हुआ। ट्रिनिटी कॉलेज लंदन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा संगीतकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत, रचनात्मकता और टीमवर्क को समर्पित इस आयोजन ने उभरते कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया।

प्रतियोगिता में मिजोरम के न्यूहोफ इंग्लिश मीडियम स्कूल के न्यूहोफ स्कूल बैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। तमिलनाडु की सीएस एकेडमी का सीएस हाउलर्स बैंड प्रथम उपविजेता रहा, जबकि पश्चिम बंगाल के श्री हनुमान मंदिर धर्मशाला स्कूल के द एप्रिसिटी बैंड ने द्वितीय उपविजेता का स्थान हासिल किया।

ग्रैंड फिनाले में प्रतियोगी बैंड्स के अलावा केएम म्यूजिक कंजर्वेटरी, द सनशाइन ऑर्केस्ट्रा और यामाहा के कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यामाहा म्यूजिक इंडिया के ब्रांड एंबेसडर और प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान की उपस्थिति रही। उनके सामने प्रस्तुति देना युवा कलाकारों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ।

इस अवसर पर ए.आर. रहमान ने कहा, “संगीत युवाओं को अपनी भावनाएं और विचार व्यक्त करने का अवसर देता है। टीन्स रॉक जैसे मंच उनकी प्रतिभा को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन युवा कलाकारों को पूरे उत्साह के साथ प्रस्तुति देते देखना बेहद सुखद अनुभव रहा। मैं सभी फाइनलिस्ट को बधाई देता हूं और उम्मीद करता हूं कि यह अनुभव उन्हें संगीत सीखने, नई रचनाएं तैयार करने और अपनी अलग पहचान विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।”

यामाहा टीन्स रॉक 2026 को देशभर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। प्रतियोगिता के लिए 680 से अधिक पंजीकरण और 270 से ज्यादा वीडियो प्रस्तुतियां प्राप्त हुईं। ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑडिशन के कई चरणों के बाद देशभर के 13 यामाहा म्यूजिक स्क्वायर में सेमीफाइनल आयोजित किए गए। अंततः छह बैंड ग्रैंड फिनाले तक पहुंचे, जिनमें पांच जोनल विजेता और एक पब्लिक वोटिंग के माध्यम से चयनित बैंड शामिल था।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में यामाहा के कलाकार रणजीत बरोट, गुलराज सिंह और रिदम शॉ के साथ ट्रिनिटी कॉलेज लंदन के म्यूजिक एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स निदेशक स्टुअर्ट ब्राइनर शामिल थे। प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी संगीत क्षमता, रचनात्मकता, मंच पर प्रस्तुति और समग्र प्रदर्शन के आधार पर किया गया।

यामाहा म्यूजिक इंडिया के प्रबंध निदेशक केन्नेई सकाई ने कहा, “हमारा मानना है कि संगीत लोगों को जोड़ने, आत्मविश्वास बढ़ाने और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रभावशाली माध्यम है। टीन्स रॉक की शुरुआत केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे मंच के रूप में की गई थी, जहां युवा एक साथ संगीत सीख सकें, अपनी प्रतिभा निखार सकें और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति दे सकें।”

उन्होंने आगे कहा कि ट्रिनिटी कॉलेज लंदन सहित अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यामाहा संगीत शिक्षा और मंचीय प्रदर्शन के अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का दीर्घकालिक उद्देश्य टीन्स रॉक को भारत के प्रमुख युवा बैंड आयोजनों में स्थापित करना है।

ट्रिनिटी कॉलेज लंदन के इंडिया हेड सचिन दास ने कहा, “टीन्स रॉक संगीत शिक्षा और लाइव परफॉर्मेंस के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह युवा कलाकारों को आत्मविश्वास बढ़ाने, साथियों के साथ काम करने और दर्शकों के सामने प्रस्तुति देने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करता है। हमें यामाहा म्यूजिक इंडिया के साथ इस पहल का हिस्सा बनकर खुशी है।”

इस आयोजन के माध्यम से यामाहा म्यूजिक इंडिया और ट्रिनिटी कॉलेज लंदन का उद्देश्य युवा संगीतकारों को सीखने और प्रदर्शन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा भारत में बैंड संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।

Jay Choudhary News Writer | 3 Years Experience | Jaipur Special | All Latest News