अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने ‘सोशल स्टार्टअप्स प्रोग्राम’ शुरू किया है

Nov 3, 2026 - 17:25
Nov 3, 2026 - 21:12
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अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने ‘सोशल स्टार्टअप्स प्रोग्राम’ शुरू किया है
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने ‘सोशल स्टार्टअप्स प्रोग्राम’ शुरू किया है

बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने ‘सोशल स्टार्टअप्स प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इसका मक़सद विकास क्षेत्र में काम करने वाले पेशेवरों की मदद करना है। यह मदद मुहैया कराने का मकसद यह है कि युवा ज़रूरतमंद और सुविधाओं से वंचित समुदायों की ज़रूरतों को पूरा करने लिए काम करने के लिए नागरिक समाज संगठन खड़े कर सकें और उनका नेतृत्व कर सकें।


अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने ‘सोशल स्टार्टअप्स प्रोग्राम’ शुरू किया है

बहुत से पेशेवरों के पास समुदायों के साथ काम करने का कई वर्षों का अनुभव होता है और वे उनकी दिक़्क़तों को गहराई से समझते भी हैं, लेकिन अपना ख़ुद का संगठन खड़ा करने के लिए न तो उनके पास पैसों की मदद होती है और न ही कोई राह दिखाने वाले होते हैं। यह कार्यक्रम इसी खाई को पाटना चाहता है। इसके लिए वह आर्थिक मदद, मार्गदर्शन और सीखने के मौक़े देता है, ताकि वे स्थानीय ज़मीन से जुड़े संगठन खड़े कर सकें।

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन में फ़िलॉथ्रॉफ़ी के प्रमुख राजीब घोष ने अपनी बात रखते हुए कहा, “हमें ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले और भी ज़्यादा संगठनों की ज़रूरत है, ख़ास तौर पर उन इलाक़ों में जहाँ अब तक सुविधाएँ ठीक से पहुँची नहीं हैं। बहुत से अनुभवी पेशेवर समुदायों के सामने आनेवाली दिक्कतों को समझते हैं और वे और ज़्यादा-से-ज़्यादा योगदान देना भी चाहते हैं। यह कार्यक्रम उन्हें वही क़दम उठाने में और अपना ख़ुद का संगठन खड़ा करने में मदद देना चाहता है। यह फ़ाउण्डेशन के पहले से चले आ रहे नियमित अनुदान कार्यक्रम से अलग है, जो पहले से रजिस्टर्ड संगठनों को मदद देता है — चाहे वे पुराने और जमे हुए हों या अभी हाल ही में शुरू हुए हों।”

पहले समूह में ओडिशा, उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बेंगलूरु शहरी ज़िला, इन चार इलाक़ों से क़रीब 100 लोग मदद के लिए चुने जाएँगे। इस प्रोग्राम के तहत जिन कामों के लिए मदद दी जाएगी, उनमें ये शामिल हैं : गाँवों में आजीविका, स्वास्थ्य-सेवाओं, युवाओं से जुड़े काम, मानसिक स्वास्थ्य, दिव्यांगता, बाल कल्याण, आदिवासी समुदायों की बेहतरी के काम करने, शहरों की अनौपचारिक बस्तियों में किया जाने वाला काम, जैसे पालनाघर या शिशुघर और मोहल्ला-स्तर की सफ़ाई भी आती है। इसके साथ ही इसमें  कल्याणकारी अधिकारों से जुड़े काम भी शामिल हैं।

कौन आवेदन कर सकते हैं?
आवेदक की उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए, उनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए और विकास क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कम से कम तीन साल काम करने का अनुभव होना चाहिए। उनका इरादा कोई नया नागरिक समाज संगठन खड़ा करने और उसकी अगुवाई करने का होना चाहिए। साथ ही, वे अपनी चुनी हुई जगह पर जाकर बसने और वहाँ लंबे वक़्त तक टिककर काम करने के लिए तैयार हों। जिन लोगों ने पहले से कोई संगठन रजिस्टर करा रखा है, वे इसके लिए पात्र नहीं हैं।
 

कार्यक्रम की बनावट और मिलने वाली मदद

यह कार्यक्रम दो चरणों में चलेगा। पहला, आठ महीने का बुनियादी चरण होगा। इसमें हिस्सा लेने वालों को आर्थिक मदद मिलेगी, ताकि वे समुदायों के बीच जाकर काम कर सकें, वहाँ की ज़रूरतों को समझ सकें और अपने संगठन को आकार दे सकें। इसके साथ ही उन्हें रजिस्ट्रेशन, संचालन व्यवस्था और क़ानूनी शर्तों को पूरा करने की प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन किया जाएगा।

इस चरण के आख़िर तक उम्मीदवारों यह उम्मीद की जाएगी कि उन्होंने अपने संगठन रजिस्टर करा लिए हों। इसके बाद वे अनुदान के लिए अपना प्रस्ताव जाँच के लिए भेज सकते हैं। जो लोग कार्यक्रम की तय शर्तों पर खरे उतरेंगे, उन्हें अपना काम खड़ा करने और उसे मज़बूती देने के लिए दो साल का शुरुआती अनुदान मिल सकता है।


आवेदन और चयन

1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। चयन की प्रक्रिया में ये चरण शामिल हैं — पात्रता की जाँच, काग़ज़ात की पड़ताल, मक़सद का विवरण, ऑनलाइन इंटरव्यू, और समूह में होने वाली पैनल चर्चा।
 

आठ महीने का बुनियादी चरण 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगा। नवंबर–दिसंबर 2027 में हिस्सा लेने वालों का आकलन किया जाएगा, जिससे यह तय होगा कि वे अनुदान वाले चरण में आगे बढ़ेंगे या नहीं।

प्रोग्राम से जुड़ी और भी जानकारी, योग्यता या आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएँ। 
azimpremjifoundation.org/who-we-are/how-we-are-organised/grants/social-startups-programme/ 

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन के बारे में

अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन न्यायपूर्ण, सब को बराबरी का हक़ मिलने वाले, इंसानियत से भरा और सस्टेनेबल समाज बनाने की कोशिशों के तहत काम कर रह है। फ़ाउण्डेशन शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के दूसरे क्षेत्रों में काम करता है। यह पूरे भारत में सरकारों, संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों और समुदायों के साथ मिलकर काम करता है।

Jay Choudhary News Writer | 3 Years Experience | Jaipur Special | All Latest News