IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

May 19, 2026 - 18:58
May 20, 2026 - 12:31
 0
IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र
IFS आशुतोष कुमार ने बताया बच्चों के लिए सिविल सर्विस और राष्ट्रसेवा का सफलता मंत्र

नई दिल्ली, 19 मईयुवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने के लिए SVPS स्कूल द्वारा आयोजित एक विशेष ऑनलाइन सत्र में 1991 बैच केIFS अधिकारी आशुतोष कुमार ने छात्रों को सफलता के गूढ़ मंत्र दिए। उन्होंने बताया कि कैसे निरंतरता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण किसी भी छात्र को शिखर पर पहुंचा सकता है।

लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी

सत्र को संबोधित करते हुए आशुतोष कुमार ने कहा कि सिविल सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को रटंत विद्या से दूर रहने और समाज की वास्तविक समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने की सलाह दी। उन्होंने अपने स्वयं के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक एकेडमिक गोल्ड मेडलिस्ट होने के बाद भी उन्होंने 34 वर्षों तक प्रशासन के हर क्षेत्र में ईमानदारी और अखंडता को सर्वोपरि रखा।

बैकग्राउंड: एक बेदाग करियर और शाही विरासत का संगम

IFS आशुतोष कुमार का परिचय केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत के रूप में है जो आधुनिक प्रशासन और ऐतिहासिक गौरव का अनूठा मिश्रण हैं। 1991 बैच के अधिकारी आशुतोष कुमार वर्तमान में भारत सरकार में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय, संसदीय कार्य, उपभोक्ता मामले, और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं दी हैं। एक डिप्लोमैट के रूप में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN), यूके, फ्रांस और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 'राष्ट्रपति पदक' से सम्मानित किया गया है और उनके पूरे करियर में उन्हें 'आउटस्टैंडिंग' (Outstanding) रेटिंग प्राप्त हुई है।

प्रशासनिक विशेषज्ञता के साथ-साथ आशुतोष कुमार एक गौरवशाली शाही विरासत से भी जुड़े हैं। सरकारी दस्तावेजों, कोर्ट आदेशों के मुताबिक वह मेवाड़ के प्रसिद्ध सिसोदिया राजपूत राजवंश से ताल्लुक रखते हैं। इस शाही परिवार ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों की कुल नेटवर्थ ₹1000 करोड़ से अधिक है। यह सारी जानकारी भारत सरकार के संबंधित विभागों में दर्ज भी है।

SVPS स्कूल के बच्चों के लिए यह सत्र असाधारण रहा, क्योंकि उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक से बात करने का मौका मिला, जो केवल भारत के शीर्ष नौकरशाहों में से एक हैं, बल्कि एक ऐसी विरासत के वारिस भी हैं जिसने सदियों तक देश की सेवा की है। आशुतोष कुमार ने छात्रों को यह संदेश दिया कि आपकी पृष्ठभूमि चाहे कितनी भी महान क्यों हो, आपकी असली पहचान आपके द्वारा की गई 'निस्वार्थ राष्ट्रसेवा' से ही बनती है।

Jay Choudhary News Writer | 3 Years Experience | Jaipur Special | All Latest News